भौजी के दुकान

  • झारखंडी अप्पन भौजी साथे चलचित्र देखै लेल गेला,मध्यांतर में भौजी के पुछ्लैथ जे चिनियाबदाम खाब की|
    भौजी - नै हम बिना खेनहो चुप्प रहब अहन चिंता नहीं करू|
    झारखंडी - नहीं हम ता ओहिना कहनु|
    भौजी - ठीक छाई ला लिय|(ब्लाउज में स पर्स निकाल लगली ता पर्स गायब छलैन|
    झारखंडी - अहाँ के केना पता नै चलल जे ब्लाउज में सव पर्स गायब भा गेल|
    भौजी- नै नै पता ता चलल मुदा इ नै बुझल छाला जे परसों गायब भा जैत|

  • चुकुंदी- बस, ट्रेन आ छौरी एकै सनक होई छै, एकटा गेल ता दोसर आइल|
    सुरीली- रिक्सा, टेक्सी आ छुरा सेहो एक्के रंग होई छै, एकटा बजाबू ता चारी टा आयत |
  • झारखंडी बाबुक वैवाहिक जीवन
    झारखंडी बाबु अप्पन विवाहक २५वाँ सालगिरह मना रहल छलैथ| हुनक एखन तक के वैवाहिक जीवन में कहियो उतार- चढाव नहि भेल छल|आस-परोसक केउ गोटे हुनका लोकनी के बीच झगरा होइत नै देखने रहैथ| आई विवाहक २५म सालगिरह कs अवसर पर ढेर रास मेहमानक संग किछु पत्रकार सभ सेहो आयल रहैथ|सब गोटे झारखंडी बाबु कs एहि सफल वैवाहिक जीवनक राज जानs चाहैत छला| एकटा पत्रकार के पुछला पर ओ कहलैथ-- ओना त इ लम्बा कहानी अछि मुदा अहाँ सब के इक्षा के ध्यान रखैत कहि रहल छि -- इ गप्प थीक हमर दुनु गोटे यानि हम आ हमर बनकट्टा बाली, कs विवाहक प्रथम वर्षक |एक दिन भोर कs समय में हम दुनु प्राणी घुरसवारी कs रहल छलौ, बनकट्टा वाली जाहि घोरा पर छली ओ कनी मरखाह छल, कनी दूर गेला के पश्चात ओ हिनका पटकि देलकैन|इ बजलीह --पहिल बेर छल, आ फेर स बैस गेली | हुनक अश्व कनि दुरी आर तय केलक आ हिनका पुनः पटकि देलकैन| इ फेर बजलीह -- इ दोसर बेर छल, आ फेर स बैस गेलीह |मुदा अश्व जे हुनकर छलैन से महा जिद्दी बुझना जाइत छल, देलकन हिनका एक बेर और पटकि |एहि बेर इ किछ बजली नै अप्पन पर्स स रिवाल्वर निकालली आ घोरा पर चला देलीह |इ सब देखि हमरा रहल नै गेल |हम कहलियैन --हे हे इ की केनु अहाँ एकटा बेजुबान प्राणी के गोली मारि देलियै| इ सुनिताहि इ अग्निस्च- वायुस्च भ बजलीह -- इ पहिल बेर छल!!!!!! बस ओहि दिन स हमर दुनु प्राणी में कहियो कोनो विवाद नै भेल कियक त हम प्रतिवाद करिते नै छलौ|आ बस तहिये सs हमर वैवाहिक जीवन सुखमय बीत रहल अछि|